महिला गर्भवती कैसे होती है | How Does Pregnancy Happens?

How Does Pregnancy Happens?


इस पोस्ट में हम महिला के गर्भवती होने के पुरे प्रोसेस के बारे में जानेंगे की कैसे पुरुष के शुक्राणु और महिला के अंडाणुओं में से कोई एक का आपस में मिलन होता है और उनको किस किस प्रोसेस से होकर गुज़ारना पड़ता है दोस्तों प्रकृति अपने आप में एक रहस्य है भले ही विज्ञान ने कितनी ही तरक्की क्यों कर ली हो लेकिन प्रकृति ही असली निर्माता है हमने बहुत बार देखा है की बहुत से पति पत्नी बिलकुल स्वस्थ होते हुए भी कोई संतान पैदा नही कर पाते है जबकि कुछ पति पत्नी कुछ कमियां होते हुए भी माता पिता बन जाते है ऐसा क्यों होता है क्या आपने गौर किया जी हाँ आज हम आपको बताएँगे की आखिर ऐसा क्यों होता है।  

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Complete Process of Pregnancy

जब पुरुष का स्पर्म महिला की योनि में जाता है तो उसमे करोड़ो शुक्राणु होते है जिनमे से केवल एक ही शुक्राणु महिला को गर्भवती करने के लिए काफी होता है इसी प्रकार महिला की योनि में ओवरी होती है और normally दोनों में से किसी एक ओवरी में प्रत्येक २८ दिन के अंतराल में अंडे बनने शुरू होते है और एक साथ पकने शुरू होते है इन अण्डों की संख्या हज़ारों में होती है और इनमे से कोई एक अंडा ही पूरी तरह से पककर शुक्राणु से मिलान के लिए तैयार हो पाता है बाकि के सारे अंडे बेकार होकर माहवारी के दौरान निकल जाते है मासिक धर्म के १० दिन बाद स्त्री का डिम्ब जिसे अंडा भी कहते है ओवरी से बहार निकलता है इस प्रोसेस को ओवुलेशन कहते है जैसे ही यह अंडा बाहर निकलता है अंडवाहिनी के सिरे पर मौजूद झूमते हुए रेशे इस अंडे को पकड़कर नली के मुख में डालकर अंदर धकेल देते है और जब पुरुष स्त्री के साथ सम्भोग क्रिया के बाद अपना वीर्य स्त्री की योनि में छोड़ता है तो वीर्य में मौजूद शुक्राणुओं को योनि में मौजूद अम्ल में गोते लगाने पड़ते है जिससे अधिकांश शुक्राणु तो यही पर निष्क्रिय हो जाते है कठिनाइयों का सामना करते हुए शुक्राणुओं को से इंच का सफर तय करने में डेढ़ से दो दिन का समय लग जाता है और जैसे ही कोई एक शुक्राणु स्त्री के अंडे के करीब पहुँचता है तो यह अंडे के आकर्षण को महसूस करके तुरंत अंडे के आलिंगन में बंध जाता है और कुछ ही देर में नन्हा सा शुक्राणु अपनी नुकीली नोक के सहारे अंडे की दीवार में छेद करके अंदर पहुँच जाता है अंडे के अंदर शुक्राणु और अंडाणु के केंद्र का मिलान हो जाता है और वह मिलकर एक हो जाते है इस प्रकार से स्त्री गर्भवती हो जाती है और फिर यह क्रिया लगातार अपनी स्टेट्स को बदलती रहती है और पुरे महीने के पीरियड में एक शिशु का जन्म होता है। 

Ideal Pregnancy Period

पुरुष के शुक्राणु स्त्री की योनि में से दिन तक ही जीवित रह सकते है वहीँ स्त्री का अंडा ओवुलेशन क्रिया के बाद से दिन के लिए ही जीवित रह पाता है अगर इस अवधी में शुक्राणु का अंडे के साथ मिलान नही हो पाता है तो यह अंडा बेकार होकर टूट जाता है और फिर मासिक धर्म के दौरान बाहर निकल जाता है इस पूरी प्रक्रिया में शुक्राणु और अंडाणु को बहुत बड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरना होता है ताकि वह एक दूसरे से मिल सके और एक शिशु के जन्म की नींव रख सकें। 


तो फ्रेंड्स यह थी स्त्री के गर्भधारण के ऊपर पूरी डाक्यूमेंट्री अगर यह इनफार्मेशन आपको अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को गूगल प्लस, फेसबुक, ट्विटर आदि पर शेयर भी करें कुछ पूछना हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। 
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